रविवार, 25 सितंबर 2011

MESSAGE 4 MY ALL FRIENDS

सन्देश  यदि कोई ATM CARD समेत आपका अपहरण कर ले तो विरोध मत कीजिए । अपहर्ता की इच्छानुसार ATM CARD मशीन मेँ कार्ड डालिए । आपका कोड वर्ड रिवर्स मेँ ... डायल कीजिए । जैसे यदि ... ... आपका कोड 1234 की जगह 4321 डायल कीजिए । ऐसा करने पर ATM खतरे को भाँपकर ... पैसा तो निकालेगा लेकिन आधा ATM मशीन मेँ फँसा रह जायेगा । इसी बीच मेँ ATM मशीन खतरे को भाँपकर बैँक और नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित कर देगा और साथ ही ATM का डोर ऑटो लॉक हो जाएगा । इस तरह आप सुरक्षित बच जाएँगे । । कृपया इसे कॉपी पेस्ट करके लोगोँ तक पहुँचायेँ 
धन्यवाद् 
अशोक बेनीवाल , सालवा कलां
 
  जय जाट समाज
शरद ऋतू रे आगमन पर सुहानी ठण्ड आळी मरुभूमि री सुबह माथे सगळा जाट समाज न घणा घणा राम राम सा..***

सदियों से अगर कृषि प्रधान देश में किसी ने अपने पसीने से इस मायड़ भूमि की छाती को तपती धुप से जरा भी ठंडा किया है तो इस पवन भूमि का सच्चा पुत्र जाट है. किसी जाट बच्चे को अपने बड़े से यह पूछने की आवश्कता नहीं पड़ती की इस भूमि माँ का प्यार कैसे पाना है...यह हर जाट के खून में बसा होता है..
गर्व से कहो की हम " जाट " कुल के वंसज है
जय जाट की , राम राम सा.
''जाट तो जाट'' होते हे, वक्त पर तलवार की धार होते हे, दिल लगाने पर दिलदार होते हे..! कोई शक हो तो किसी से भी पूछ लो, 'जाट तो यारो के भी यार' होते हे..!! . जय जाट की, गर्व से कहो:- हम 'जाट' हे, जाट एकता जिन्दाबाद........!!!
                    -अशोक बेनीवाल  S/O  श्री तारा चन्द चौधरी   
 
 
                                                   जय देव नागरी
 
 भारत का रहने वाला हूँ , भारत की बात सुनाता हूँ आती है मुझे उनकी भी भाषा, माँ की सीखाई ही बोलता हूँ भारत का रहने वाला हूँ, भारत की भाषा गाता हूँ
भारत में आज हिंदी दिवस मनाया जा रहा है
... हिंदी माँ ने कभी नहीं सोचा होगा की मेरी संतान भी इस तरह किसी एक दिन के लिए मुझे संकुचित कर देगी, हमारे पूर्वजो ने सायद कभी नहीं सोचा होगा की ऋषि मुनियों की इस पावन भूमि आर्यावृत पर कभी हिंदी दिवस मनाया जायेगा,

यह तो वही हुआ की एक दिन साँस लेने का दिवस भी मनाया जायेगा ......
विश्व मेँ चीनी भाषा के बाद सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा हिन्दी ही है जिसे विश्व मेँ करीब 80 करोङ लोग बोलते या प्रयोग मेँ लेते है ......अगर आप हिन्दी का प्रयोग कर रहे है तो कृपया लज्जा महसूस ना करेँ यह अपनी भाषा अपना स्वाभिमान है ..


जय भारत ,जय हिंदी , जय देव नागरी
     - अशोक बेनीवाल , सालवा कलां
 
 
                                   सीखने योग्य बातें
10 रुपए का नोट बहुत ज्यादा लगता है जब " गरीब को देना हो " मगर होटल में बैठे हो तो 1000 भी बहुत कम लगता है !
**३ मिनट इश्वर को याद करना बहुत मुश्किल है, पर ३ घंटे की फिल्म देखना बहुत आसान !

***पूरे दिन मेहनत क बाद gym जाना नही थकता, पर जब अपने ही "माँ- बाप" के पैर दबाने हो तो तंग हो जाते है !

**इस मेसेज को फॉरवर्ड करना बहुत मुश्किल होता है, जब की फ़िज़ूल जोक्स को फॉरवर्ड करना हमारा फ़र्ज़ बन जाता है..
   -अशोक बेनीवाल सालवा कलां 
. मंजिल तो मिल ही जायेगी भटक कर ही सही, गुमराह तो वो हैं जो घर से निकला ही नहीं करते.........!! very true and highly impressive lines                  - Ashok Beniwal
 


                                                     जाट एकता 

बिलकुल भाईजान ,जाट होने का गोरव यु नहीं गाते हम..ये ओहदा तो इसलिए गाते है की ज्ये मेरे किसी जाट भाई से गलती हुई और किसी और समाज को उससे बुरा लग गया हो तो ये A Choudhary अपने सर की पगड़ी उनके चरणों में रखते की ताकत रखता है.......
हम तो सब को अपने बराबर लेकर आगे बदने में विस्वास करते है ..पर कोई अगर महाराजा बनकर अब भी (हमारे क्या ) किसी के भी सर पर बैठने की कोसिस करेगा तो फिर बक्शा थोड़ी न जायेगा .....

और जब तक समाज में समानता और एक दुसरे की बड़ाई का भाव है तभी तो आगे बढ सकेंगे न...
 ..................Ashok Beniwal Salwa Kallan
 

 

सोमवार, 19 सितंबर 2011

my school life

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सालवा कलां , जोधपुर
मेरे स्कूल के फोटो
उप सरपंच सालवा कलां 

श्रीमान हरसुख राम जी थोरी 
15 अगस्त 2010  को 
अशोक बेनीवाल को मोमेंटो और प्रशंसा पत्र  देते हुऐ


धन्यवाद ! 





पूर्व प्रधान पंचायत समिति मंडोर  

 श्रीमान मांगीलाल जी गेणन   
      अशोक बेनीवाल को 

15  अगस्त  2010  को प्राइज देते हुए 




 
  विदाई   समारोह  2011 -12  के  फोटो 
प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक  विद्यालय  सालवा कलां  , जोधपुर 
श्रीमान बी. आर. बंशीवाल

MY PHOTOES

अशोक बेनीवाल सालवा कलां , जोधपुर 









 बेनीवाल

वर्तमान में जयनारायण  व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर में  अध्ययनरत हैं 







 साहस रखना जरूरी हैं दोस्तों !








 

गुरुवार, 21 जुलाई 2011

GHSS SALWA KALLAN

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सालवा कलां, जोधपुर


मेरे कक्षा १२ वीं  के विदाई समारोह के फोटो......

   दिनेश जाखड़
   अशोक बेनीवाल
   और 
   ओमप्रकाश जी गौड़ 
   उपहार  देते हुए.....





   प्रधानाचार्य जी श्रीमान बी. आर . बंशीवाल 
   और राजू राम  कुकणा
   अशोक बेनीवाल  को विदाई समारोह पर 
    उपहार देते हुए ....... 





कक्षा १२ वीं द्वारा ' राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय , सालवा कलां को दिया गया उपहार ....

अशोक बेनीवाल, ओमपुरी ,  प्रकाश थोरी , अनिल थोरी , नेता राम , और समस्त कक्षा १२ के विद्यार्थी अपने प्रधानाचार्य जी को एक गिफ्ट सप्रेम भेंट करते  हुए .... 

बुधवार, 6 जुलाई 2011

मेहनत से ही काम बनता हैं

मेहनत से ही काम बनता हैं     
(Effort Does It )                    

मैं अशोक बेनीवाल सालवा कलां  बताना चाहता हूँ कि मेहनत से काम किस तरह बनता हैं 
दूरदर्शिता , साहस और गहराई के बिना जिन्दगी एक अँधा तजुर्बा  हैं   छोटे - छोटे कमजोर इरादे वाले और आलसी लोग हमेशा आसान रास्ता ढूढ़ते हैं , ऐसा रास्ता जिसमे सबसे कम रुकावटें हों !

   एथलीट्स १५ सेकंड के प्रद्रश्ना के लिए १५ साल तक मेहनत और प्रैक्टिस करते हैं , उनसे पूछकर देखिए कि वे भाग्य से जीतते हैं 
एक एथलीट्स से पूछकर देखिए कि एक अच्छी प्रैक्टिस के बाद वह कैसा महसूस करता हैं   वह आपको बतायेगा कि वह ऐसा महसूस करेगा जैसे उसकी शक्ति ख़त्म हो गई !
अगर वह ऐसा महसूस नहीं करता तो इसका मतलब हैं कि उसने पूरी योग्यता से प्रैक्टिस नहीं की !

भाग्य उन्ही का साथ देता हैं जो अपनी मदद खुद करते हैं     
                                                                 - अशोक बेनीवाल   




Ashok Beniwal (Choudhary)
Salwa Kallan , Jodhpur

My E-Mail ID.- ashokbeniwal111@gmail.com


My Blog ID.- a-beniwal.blogspot.com
Mo. No. 9680494916
Jat's Boy Ashok
अशोक बेनीवाल  सालवा कलां 
जिला - जोधपुर 
अनुशासन  क्या होता हैं ?    
मैं अशोक बेनीवाल आपको अनुशासन के बारे सामान्य जानकारी दे रहा हूँ 
क्या अनुशासन खुली आजादी हैं ? क्या आजादी का मतलब हैं कि हम उसके नतीजों की परवाह न करें ? क्या इसका मतलब कोई परेशानी आने या गलती हो जाने पर सही कदम उठाना हैं ? क्या यह थोपा हुआ हैं ? क्या यह नाजायज हैं ? क्या यह आजादी को छीन लेता हैं / 

    जवाब है , इनमे से कोई भी नहीं !  अनुशासन का मतलब यह नहीं कि कोई छड़ी उठाये और बच्चों को पीटना शुरू कर दे ! यह तो पागलपन हैं 
अनुशासन तो प्यार भरी द्रढ़ता हैं , यह सही दिशा हैं  यह परेशानियों को आने से पहेले ही रोकने  का नाम हैं 
यह अछि कार्य  क्षमता के लिए हमारी शक्ति को एकत्रित और क्रमबद्ध करने का एक तरीका हैं   
अनुशासन प्यार का इजहार हैं  

हर घर में अगर अनुशासन का पालन किया जाये तो युवाओ द्वारा किये जाने वाले अपराधों में ९५ प्रतिशत  तक की कमी आ जाएगी !
                                                                                                                अशोक बेनीवाल  

रविवार, 3 जुलाई 2011

द्रढ़ विश्वास आस्था से उपजता हैं

द्रढ़ विश्वास आस्था  से उपजता हैं                                
  सालवा कलां के अशोक बेनीवाल बताते हैं कि आस्था  के बिना किया गया काम एक भ्रम  या सपने की तरह हैं   आस्था चमत्कार का इंतजार नहीं करती , बल्कि उसे साकार बनती हैं !

अगर आप  सोचते हैं कि आप कर सकते हैं या आप यह सोचते हैं कि आप नहीं कर सकते , तो आप दोनों ही  तरह ठीक  हैं !
                                                                                                                                                                                                                                                                                                     -अशोक  बेनीवाल 
if you think you can or if you think you can't you are right.
                                                             -Ashok Bebniwal 

 हम सब की जिन्दगी में दुःख के पल होते हैं , हम सभी गिरते हैं और चोट लगती हैं  !  हम सभी की जिन्दगी में ऐसे क्षण आते हैं जब हमारा आत्मविश्वास डगमगाने लगता हैं और हमे अपने पर रहम आता हैं ! लेकिन फिर भी  यह जरूरी हैं कि आप अपनी भावनाओं पर काबू पायें और अपनी आस्था को बनाये रखे !


    दुनिया में तीन तरह के लोग होते हैं  :
 *  वे लोग जो कुछ करते हैं (People who make things happen)
 *  वे लोग जो कुछ होते हुए देखते  हैं  (People who watch things happen )
 *  लोग जो यह सोचकर हैरान होते हैं कि हुआ क्या हैं (People who wonder what happened)