भगत सिंह जयंती आज दिनांक 27 - 9 - 2011
मंगलवार, 27 सितंबर 2011
भगत सिंह जयंती
"Jat's Boy Ashok"
"जननी जणै तो ऐङा जणजै कै दातार, कै सूर! "
"जननी जणै तो ऐङा जणजै कै दातार, कै सूर! "
"नही तर रहीजे बाँजणी मती गमाजे नूर॥
... "जरणी जणे तो चार जणजे,
मती जणजे चालीस"
"वे चारोँ रण मे झूझता, तो वे चारोँ है चालीस॥
प्रस्तुतकर्त्ता :- अशोक चौधरी
अध्यक्ष
नवयुवक मण्डल, युवा वर्ग सालवा कलाँ, जोधपुर
मेरे प्यारे दोस्तो मै अशोक बेनीवाल आपको विश्व ह्रदय दिवश की हार्दीक शुभकामनाएँ देता हूँ । ह्रदय एक ऐसा अंग है जो कभी विश्राम नही लेता है जिस दिन हमारे ह्रदय ने विश्राम कर लिया उस दिन मनुष्य या कोई भी सजीव प्राणी इस दुनिया से सदा के लिए चला जाता है। हमारा ह्रदय निरन्तर चलता रहता है हमारा ह्रदय 1 मिनट में 72 बार धड़कता हैं
!! नवयुवक मण्डल सालवा कलाँ !!
सालवा कलाँ मे नवयुवक मण्डल का गठन हुए अभी तक ज्यादा समय नही हुआ है बल्कि 1 महीना ही हुआ है फिर भी इस मण्डल ने अपने कदम काफी गति से बढाये है।
मेरे अनुसार सालवा कलाँ के युवाओँ ने अपना एक समुह "नवयुवक मण्डल" बनाया है जिसका प्रमुख कार्यक्रम ग्रामीण विकास को बढावा देना है इस मण्डल मे गाँव के प्रमुख बुजुर्ग पंचो को शामिल नही किया गया है। हाल ही मेँ
युवाओ ने गाँव मे वीर तेजाजी महाराज के मन्दिर की नीँव दी है इस कार्य मेँ ग्रामीण पँचो को शामिल नही किया गया है क्योँकि वे युवाओँ को इस कार्य के लिए प्रोत्साहन नही दे रहे है वे अपनी पुरानी रीतियोँ को महत्व दे रहे है।
... युवाओँ ने इस कार्यक्रम बढाने की पूरी ठान ली है
दोस्तो मै A.BENIWAL आपसे अनुरोध करता हूँ कि आप ज्यादा से ज्यादा इस नवयुवक मण्डल को बढावा देँ,प्रोत्साहित करेँ और इसके सदस्य बने।
धन्यवाद ।
प्रस्तुतकर्त्ता :- अशोक बैनिवाल, नवयुवक मण्डल सालवा कलाँ, जोधपुर।
सालवा कलाँ मे नवयुवक मण्डल का गठन हुए अभी तक ज्यादा समय नही हुआ है बल्कि 1 महीना ही हुआ है फिर भी इस मण्डल ने अपने कदम काफी गति से बढाये है।
मेरे अनुसार सालवा कलाँ के युवाओँ ने अपना एक समुह "नवयुवक मण्डल" बनाया है जिसका प्रमुख कार्यक्रम ग्रामीण विकास को बढावा देना है इस मण्डल मे गाँव के प्रमुख बुजुर्ग पंचो को शामिल नही किया गया है। हाल ही मेँ
युवाओ ने गाँव मे वीर तेजाजी महाराज के मन्दिर की नीँव दी है इस कार्य मेँ ग्रामीण पँचो को शामिल नही किया गया है क्योँकि वे युवाओँ को इस कार्य के लिए प्रोत्साहन नही दे रहे है वे अपनी पुरानी रीतियोँ को महत्व दे रहे है।
... युवाओँ ने इस कार्यक्रम बढाने की पूरी ठान ली है
दोस्तो मै A.BENIWAL आपसे अनुरोध करता हूँ कि आप ज्यादा से ज्यादा इस नवयुवक मण्डल को बढावा देँ,प्रोत्साहित करेँ और इसके सदस्य बने।
धन्यवाद ।
प्रस्तुतकर्त्ता :- अशोक बैनिवाल, नवयुवक मण्डल सालवा कलाँ, जोधपुर।
रविवार, 25 सितंबर 2011
MESSAGE 4 MY ALL FRIENDS
सन्देश यदि कोई ATM CARD समेत आपका अपहरण कर ले तो विरोध मत कीजिए । अपहर्ता की इच्छानुसार ATM CARD मशीन मेँ कार्ड डालिए । आपका कोड वर्ड रिवर्स मेँ ... डायल कीजिए । जैसे यदि ... ... आपका कोड 1234 की जगह 4321 डायल कीजिए । ऐसा करने पर ATM खतरे को भाँपकर ... पैसा तो निकालेगा लेकिन आधा ATM मशीन मेँ फँसा रह जायेगा । इसी बीच मेँ ATM मशीन खतरे को भाँपकर बैँक और नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित कर देगा और साथ ही ATM का डोर ऑटो लॉक हो जाएगा । इस तरह आप सुरक्षित बच जाएँगे । । कृपया इसे कॉपी पेस्ट करके लोगोँ तक पहुँचायेँ
धन्यवाद्
अशोक बेनीवाल , सालवा कलां
जय जाट समाज
शरद ऋतू रे आगमन पर सुहानी ठण्ड आळी मरुभूमि री सुबह माथे सगळा जाट समाज न घणा घणा राम राम सा..***
सदियों से अगर कृषि प्रधान देश में किसी ने अपने पसीने से इस मायड़ भूमि की छाती को तपती धुप से जरा भी ठंडा किया है तो इस पवन भूमि का सच्चा पुत्र जाट है. किसी जाट बच्चे को अपने बड़े से यह पूछने की आवश्कता नहीं पड़ती की इस भूमि माँ का प्यार कैसे पाना है...यह हर जाट के खून में बसा होता है..
गर्व से कहो की हम " जाट " कुल के वंसज है
जय जाट की , राम राम सा.
''जाट तो जाट'' होते हे, वक्त पर तलवार की धार होते हे, दिल लगाने पर दिलदार होते हे..! कोई शक हो तो किसी से भी पूछ लो, 'जाट तो यारो के भी यार' होते हे..!! . जय जाट की, गर्व से कहो:- हम 'जाट' हे, जाट एकता जिन्दाबाद........!!!
-अशोक बेनीवाल S/O श्री तारा चन्द चौधरी
जय देव नागरी
भारत का रहने वाला हूँ , भारत की बात सुनाता हूँ आती है मुझे उनकी भी भाषा, माँ की सीखाई ही बोलता हूँ भारत का रहने वाला हूँ, भारत की भाषा गाता हूँ
भारत में आज हिंदी दिवस मनाया जा रहा है
... हिंदी माँ ने कभी नहीं सोचा होगा की मेरी संतान भी इस तरह किसी एक दिन के लिए मुझे संकुचित कर देगी, हमारे पूर्वजो ने सायद कभी नहीं सोचा होगा की ऋषि मुनियों की इस पावन भूमि आर्यावृत पर कभी हिंदी दिवस मनाया जायेगा,
यह तो वही हुआ की एक दिन साँस लेने का दिवस भी मनाया जायेगा ......विश्व मेँ चीनी भाषा के बाद सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा हिन्दी ही है जिसे विश्व मेँ करीब 80 करोङ लोग बोलते या प्रयोग मेँ लेते है ......अगर आप हिन्दी का प्रयोग कर रहे है तो कृपया लज्जा महसूस ना करेँ यह अपनी भाषा अपना स्वाभिमान है ..
जय भारत ,जय हिंदी , जय देव नागरी
- अशोक बेनीवाल , सालवा कलां
सीखने योग्य बातें
**३ मिनट इश्वर को याद करना बहुत मुश्किल है, पर ३ घंटे की फिल्म देखना बहुत आसान !
***पूरे दिन मेहनत क बाद gym जाना नही थकता, पर जब अपने ही "माँ- बाप" के पैर दबाने हो तो तंग हो जाते है !
**इस मेसेज को फॉरवर्ड करना बहुत मुश्किल होता है, जब की फ़िज़ूल जोक्स को फॉरवर्ड करना हमारा फ़र्ज़ बन जाता है..
-अशोक बेनीवाल सालवा कलां
. मंजिल तो मिल ही जायेगी भटक कर ही सही, गुमराह तो वो हैं जो घर से निकला ही नहीं करते.........!! very true and highly impressive lines - Ashok Beniwal
..................Ashok Beniwal Salwa Kallan
सोमवार, 19 सितंबर 2011
my school life
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सालवा कलां , जोधपुर
मेरे स्कूल के फोटो
उप सरपंच सालवा कलां
श्रीमान हरसुख राम जी थोरी
15 अगस्त 2010 को
अशोक बेनीवाल को मोमेंटो और प्रशंसा पत्र देते हुऐ
धन्यवाद !
पूर्व प्रधान पंचायत समिति मंडोर
श्रीमान मांगीलाल जी गेणन
अशोक बेनीवाल को
15 अगस्त 2010 को प्राइज देते हुए
विदाई समारोह 2011 -12 के फोटो
प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सालवा कलां , जोधपुर
श्रीमान बी. आर. बंशीवाल
गुरुवार, 21 जुलाई 2011
GHSS SALWA KALLAN
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सालवा कलां, जोधपुर
मेरे कक्षा १२ वीं के विदाई समारोह के फोटो......
दिनेश जाखड़
अशोक बेनीवाल
और
ओमप्रकाश जी गौड़
उपहार देते हुए.....
प्रधानाचार्य जी श्रीमान बी. आर . बंशीवाल
और राजू राम कुकणा
अशोक बेनीवाल को विदाई समारोह पर
उपहार देते हुए .......
कक्षा १२ वीं द्वारा ' राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय , सालवा कलां को दिया गया उपहार ....अशोक बेनीवाल, ओमपुरी , प्रकाश थोरी , अनिल थोरी , नेता राम , और समस्त कक्षा १२ के विद्यार्थी अपने प्रधानाचार्य जी को एक गिफ्ट सप्रेम भेंट करते हुए ....
बुधवार, 6 जुलाई 2011
मेहनत से ही काम बनता हैं
मेहनत से ही काम बनता हैं
(Effort Does It )
मैं अशोक बेनीवाल सालवा कलां बताना चाहता हूँ कि मेहनत से काम किस तरह बनता हैं
दूरदर्शिता , साहस और गहराई के बिना जिन्दगी एक अँधा तजुर्बा हैं छोटे - छोटे कमजोर इरादे वाले और आलसी लोग हमेशा आसान रास्ता ढूढ़ते हैं , ऐसा रास्ता जिसमे सबसे कम रुकावटें हों !
एथलीट्स १५ सेकंड के प्रद्रश्ना के लिए १५ साल तक मेहनत और प्रैक्टिस करते हैं , उनसे पूछकर देखिए कि वे भाग्य से जीतते हैं
एक एथलीट्स से पूछकर देखिए कि एक अच्छी प्रैक्टिस के बाद वह कैसा महसूस करता हैं वह आपको बतायेगा कि वह ऐसा महसूस करेगा जैसे उसकी शक्ति ख़त्म हो गई !
अगर वह ऐसा महसूस नहीं करता तो इसका मतलब हैं कि उसने पूरी योग्यता से प्रैक्टिस नहीं की !
भाग्य उन्ही का साथ देता हैं जो अपनी मदद खुद करते हैं
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